• हमारे बारे में
  • गोपनीयता नीति
  • संपर्क करें
  • गूगल न्यूज़
  • English News
Tuesday, September 15, 2026
  • Login
Abhyuday Times Hindi
  • Home
  • भारत
    • राष्ट्रिय
    • क्षेत्रीय
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • ऑटोमोबाइल्स
  • खेल
  • टेक्नोलॉजी
  • राजनीति
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • ट्रैवल
    • फैशन
    • फ़ूड
    • हेल्थ & ब्यूटी
  • अन्य
    • कृषि
    • दुनिया
No Result
View All Result
  • Home
  • भारत
    • राष्ट्रिय
    • क्षेत्रीय
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • ऑटोमोबाइल्स
  • खेल
  • टेक्नोलॉजी
  • राजनीति
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • ट्रैवल
    • फैशन
    • फ़ूड
    • हेल्थ & ब्यूटी
  • अन्य
    • कृषि
    • दुनिया
No Result
View All Result
Abhyuday Times Hindi
No Result
View All Result
Home धर्म

दशहरे पर सामने आएगा रामायण का एक नया पाठ: योगेश अरविंद पुराणिक की पुस्तक ‘Decoding The Ramayana’ आधुनिक मन की खोज से जोड़ेगी प्राचीन कथा को

AT हिंदी डेस्क by AT हिंदी डेस्क
September 15, 2026
in धर्म
0
दशहरे पर सामने आएगा रामायण का एक नया पाठ: योगेश अरविंद पुराणिक की पुस्तक ‘Decoding The Ramayana’ आधुनिक मन की खोज से जोड़ेगी प्राचीन कथा को
Share on FacebookShare on Twitter

नई दिल्ली, 15 सितंबर 2026: रामायण को केवल एक प्राचीन महाकाव्य, धार्मिक आख्यान या नैतिक शिक्षाओं के संग्रह के रूप में देखने के बजाय आधुनिक मनुष्य की आंतरिक दुनिया को समझने के एक माध्यम के रूप में प्रस्तुत करने वाली नई पुस्तक ‘Decoding The Ramayana: An Ancient Blueprint for the Modern Mind’ आगामी 20 अक्टूबर 2026, दशहरे के पावन अवसर पर, दुनिया भर के 100 से अधिक देशों में उपलब्ध होगी।

पुस्तक के लेखक योगेश अरविंद पुराणिक, जो शिक्षाविद्, निवेशक, लेखक और प्रबंधन विशेषज्ञ हैं, रामायण को एक ऐसे दृष्टिकोण से देखते हैं जिसमें इसकी कथा बाहरी घटनाओं के साथ-साथ मनुष्य के भीतर चलने वाले संघर्षों का भी रूपक बन जाती है।

संबंधितपोस्ट

आज पूज्य शंकराचार्य जी के सान्निध्य में आनंद वर्धन आश्रम ग्राम, वासणा जिला छोटा उदेपुर गुजरात में 25 लोगों ने पुनः  सनातन हिन्दू धर्म अपनाया 

आज पूज्य शंकराचार्य जी के सान्निध्य में आनंद वर्धन आश्रम ग्राम, वासणा जिला छोटा उदेपुर गुजरात में 25 लोगों ने पुनः  सनातन हिन्दू धर्म अपनाया 

July 13, 2026
आर्या महाराज — मौलिक शिव-शक्ति भजन “श्री ॐ जपो”, स्पंदन का पहला स्वर — शिव और शक्ति का आह्वान

आर्या महाराज — मौलिक शिव-शक्ति भजन “श्री ॐ जपो”, स्पंदन का पहला स्वर — शिव और शक्ति का आह्वान

June 9, 2026

पुस्तक का मूल प्रश्न यही है कि यदि रामायण की कथा हमारे भीतर भी घटित होती हो, तो उसके पात्र और घटनाएँ हमारे मन, चेतना और जीवन के बारे में क्या कहती हैं?

पुराणिक के अनुसार, युग बदलते हैं, तकनीक बदलती है और जीवन की गति बदलती है, लेकिन मनुष्य की मूल चुनौतियाँ नहीं बदलतीं। इच्छा, मोह, अहंकार, भटकाव, ध्यान का टूटना और जीवन के अर्थ की तलाश आज भी उतने ही प्रासंगिक प्रश्न हैं जितने वे हजारों वर्ष पहले रहे होंगे।

“सबसे महत्वपूर्ण युद्ध लंका में नहीं, हमारे भीतर लड़ा जाता है”

पुस्तक की केंद्रीय अवधारणा को रेखांकित करते हुए लेखक योगेश अरविंद पुराणिक कहते हैं:

“रामायण को हमने सदियों से बाहर घटित होने वाली कथा की तरह पढ़ा है; ‘Decoding The Ramayana’ का प्रयास उसे भीतर घटित होने वाली यात्रा के रूप में देखने का है। राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान और रावण केवल पात्र नहीं, बल्कि हमारे भीतर सक्रिय चेतना, ऊर्जा, ध्यान, जीवन-शक्ति और अहंकार के रूप भी हो सकते हैं। शायद यही कारण है कि हजारों वर्ष पुरानी यह कथा आज के मनुष्य को उतनी ही प्रासंगिक लगती है।”

रामायण को देखने के चार दृष्टिकोण

‘Decoding The Ramayana’ रामायण की कथा को चार प्रमुख आयामों से देखने का प्रयास करती है:

ऐतिहासिक दृष्टिकोण: कथा और उसके व्यापक संदर्भ को समझने का प्रयास।

नैतिक दृष्टिकोण: कर्तव्य, निर्णय, संबंधों और जीवन-मूल्यों से जुड़े प्रश्नों की पड़ताल।

मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण: पात्रों और घटनाओं को मानव मन और चेतना में सक्रिय शक्तियों के रूप में देखना।

आध्यात्मिक दृष्टिकोण: चेतना, ऊर्जा और आत्म-बोध की यात्रा को समझना।

इन चार दृष्टिकोणों के माध्यम से पुस्तक प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक जीवन की व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक चुनौतियों के बीच एक संवाद स्थापित करने का प्रयास करती है।

राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान: पात्रों से आगे, चेतना के रूपक

पुस्तक में रामायण के प्रमुख पात्रों की मनोवैज्ञानिक व्याख्या की गई है।

राम को ‘शुद्ध चेतना’ (Pure Consciousness) के प्रतीक के रूप में देखा गया है, जो व्यक्ति को बाहरी घटनाओं से आगे उस मूल जागरूकता की ओर ले जाती है जिसके माध्यम से जीवन का अनुभव किया जाता है।

सीता ‘शुद्ध ऊर्जा’ (Pure Energy) की जीवंत शक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं। उनका अपहरण चेतना और ऊर्जा के बीच उत्पन्न बाधा का प्रतीक बनता है और यह संकेत देता है कि आधुनिक अहंकार किस प्रकार हमारे ध्यान और ऊर्जा को अपने प्रभाव में ले सकता है।

लक्ष्मण ‘केंद्रित ध्यान’ (Focused Attention) के प्रतीक हैं। आज के स्क्रीन-प्रधान और लगातार उत्तेजनाओं से भरे वातावरण में ध्यान को एक दिशा में बनाए रखना स्वयं एक महत्वपूर्ण क्षमता बन गया है।

हनुमान जागृत प्राण-शक्ति (Awakened Life Force) का प्रतीक हैं। उनका चरित्र यह दर्शाता है कि जब जीवन-शक्ति को जागरूकता और सही दिशा मिलती है, तो व्यक्ति अपनी सीमाओं से कहीं आगे जा सकता है।

लंका और रावण: बाहरी सफलता बनाम आंतरिक विजय

पुस्तक में लंका को आधुनिक अहंकार के रूपक के रूप में देखा गया है। बाहरी वैभव, शक्ति और उपलब्धियों के बावजूद यदि व्यक्ति लगातार बढ़ती इच्छाओं और नियंत्रण की आवश्यकता से संचालित हो रहा है, तो उसकी बाहरी सफलता जरूरी नहीं कि आंतरिक संतुलन का संकेत हो।

इसी संदर्भ में रावण का चरित्र उस आधुनिक धारणा पर प्रश्न उठाता है कि बाहरी उपलब्धि अपने आप आंतरिक महारत में बदल जाती है।

यह व्याख्या लंका को केवल रामायण के भूगोल का हिस्सा नहीं रहने देती, बल्कि उसे मनुष्य के भीतर मौजूद उस मानसिक संसार के रूपक में बदल देती है जहाँ अहंकार, इच्छा और नियंत्रण की प्रवृत्ति लगातार सक्रिय रहती है।

प्राचीन कथा, आधुनिक प्रश्न

आज जब डिजिटल जीवन, निरंतर सूचनाएँ और बढ़ती व्यस्तता मनुष्य के ध्यान और मानसिक शांति को प्रभावित कर रही हैं, ‘Decoding The Ramayana’ रामायण के माध्यम से कुछ बुनियादी आधुनिक प्रश्नों की ओर लौटती है:

हम अपना ध्यान किसे दे रहे हैं?
हमारी इच्छाएँ हमें संचालित कर रही हैं या हम उन्हें?
बाहरी सफलता के पीछे भागते हुए हम अपने भीतर क्या खो रहे हैं?
और क्या प्राचीन ज्ञान आधुनिक मन को स्वयं को समझने का कोई नया रास्ता दे सकता है?

पुस्तक का निष्कर्ष इसी विचार के आसपास आकार लेता है कि सबसे महत्वपूर्ण संघर्ष बाहरी दुनिया में नहीं, मनुष्य के भीतर होता है।

इस अर्थ में ‘Decoding The Ramayana’ रामायण को अतीत की स्मृति के रूप में नहीं, बल्कि आधुनिक मनुष्य के लिए आत्म-अन्वेषण के एक जीवंत ढाँचे के रूप में पढ़ने का निमंत्रण देती है।

लेखक के बारे में

योगेश अरविंद पुराणिक शिक्षाविद्, निवेशक, लेखक और प्रबंधन नेता हैं। वे ‘The House of Anand Rathore’ और ‘The Tides That Remember’ जैसे उपन्यासों के लेखक भी हैं।

पिछले 25 वर्षों से कॉर्पोरेट क्षेत्र में सक्रिय पुराणिक प्रबंधन और प्रोडक्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में प्रमाणित हैं। उनका कार्य कॉर्पोरेट नेतृत्व और सचेतन जीवन के बीच के संबंधों को समझने पर केंद्रित है।

वर्ष 2019 से वे संस्कारधानी जबलपुर में रह रहे हैं।

पुस्तक: Decoding The Ramayana: An Ancient Blueprint for the Modern Mind
लेखक: योगेश अरविंद पुराणिक

विमोचन: 20 अक्टूबर 2026, दशहरा
उपलब्धता: 100+ देश

Tags: ‘Decoding The Ramayana’Yogesh Arvind Puranik’s book
Previous Post

माधुरी हाथिनी ने वंतारा में उपचार पूरा किया, एक वर्ष से अधिक समय तक चले विशेष उपचार और स्वास्थ्य लाभ के बाद महाराष्ट्र लौटी

AT हिंदी डेस्क

AT हिंदी डेस्क

Related Posts

आज पूज्य शंकराचार्य जी के सान्निध्य में आनंद वर्धन आश्रम ग्राम, वासणा जिला छोटा उदेपुर गुजरात में 25 लोगों ने पुनः  सनातन हिन्दू धर्म अपनाया 
धर्म

आज पूज्य शंकराचार्य जी के सान्निध्य में आनंद वर्धन आश्रम ग्राम, वासणा जिला छोटा उदेपुर गुजरात में 25 लोगों ने पुनः  सनातन हिन्दू धर्म अपनाया 

by AT हिंदी डेस्क
July 13, 2026
आर्या महाराज — मौलिक शिव-शक्ति भजन “श्री ॐ जपो”, स्पंदन का पहला स्वर — शिव और शक्ति का आह्वान
धर्म

आर्या महाराज — मौलिक शिव-शक्ति भजन “श्री ॐ जपो”, स्पंदन का पहला स्वर — शिव और शक्ति का आह्वान

by AT हिंदी डेस्क
June 9, 2026
जगतगुरु सतीशाचार्य के दर्शन पाकर भाव-विभोर हुए मोहन भागवत, पैर छूकर लिया आशीर्वाद
धर्म

जगतगुरु सतीशाचार्य के दर्शन पाकर भाव-विभोर हुए मोहन भागवत, पैर छूकर लिया आशीर्वाद

by AT हिंदी डेस्क
March 10, 2026
ध्यान गुरु रघुनाथ येमूल गुरुजी ने बनाया विश्व का सबसे बड़ा 5210 किलो का पारद शिवलिंग; हरिद्वार में महाशिवरात्रि पर विशेष पूजन
धर्म

ध्यान गुरु रघुनाथ येमूल गुरुजी ने बनाया विश्व का सबसे बड़ा 5210 किलो का पारद शिवलिंग; हरिद्वार में महाशिवरात्रि पर विशेष पूजन

by AT हिंदी डेस्क
February 18, 2026
13–15 दिसंबर को दिल्ली में होगा शंखनाद महोत्सव – छत्रपति शिवाजी के शस्त्रों की प्रदर्शनी
धर्म

13–15 दिसंबर को दिल्ली में होगा शंखनाद महोत्सव – छत्रपति शिवाजी के शस्त्रों की प्रदर्शनी

by AT हिंदी डेस्क
December 9, 2025
राम मंदिर में ध्वजारोहण और भारत उत्कर्ष महायज्ञ की पूर्णाहुति, नोएडा में 11 लाख श्रद्धालुओं ने रचा नया इतिहास
धर्म

राम मंदिर में ध्वजारोहण और भारत उत्कर्ष महायज्ञ की पूर्णाहुति, नोएडा में 11 लाख श्रद्धालुओं ने रचा नया इतिहास

by AT हिंदी डेस्क
November 30, 2025

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

नवीनतम समाचार एवं लेख

दशहरे पर सामने आएगा रामायण का एक नया पाठ: योगेश अरविंद पुराणिक की पुस्तक ‘Decoding The Ramayana’ आधुनिक मन की खोज से जोड़ेगी प्राचीन कथा को

दशहरे पर सामने आएगा रामायण का एक नया पाठ: योगेश अरविंद पुराणिक की पुस्तक ‘Decoding The Ramayana’ आधुनिक मन की खोज से जोड़ेगी प्राचीन कथा को

2 hours ago
माधुरी हाथिनी ने वंतारा में उपचार पूरा किया, एक वर्ष से अधिक समय तक चले विशेष उपचार और स्वास्थ्य लाभ के बाद महाराष्ट्र लौटी

माधुरी हाथिनी ने वंतारा में उपचार पूरा किया, एक वर्ष से अधिक समय तक चले विशेष उपचार और स्वास्थ्य लाभ के बाद महाराष्ट्र लौटी

3 days ago
जब भूख ने शब्दों का स्वर धारण किया, तब जन्मा युग-ग्रंथ

जब भूख ने शब्दों का स्वर धारण किया, तब जन्मा युग-ग्रंथ

5 days ago
एएसजी आई हॉस्पिटल, सूरत द्वारा स्क्विंट (तिरछी आँख/भेंगापन) और समय पर विशेषज्ञ उपचार के महत्व को लेकर जागरूकता

एएसजी आई हॉस्पिटल, सूरत द्वारा स्क्विंट (तिरछी आँख/भेंगापन) और समय पर विशेषज्ञ उपचार के महत्व को लेकर जागरूकता

7 days ago
₹5,000 से शुरू हुआ सफर, 10×10 के कमरे से 20,000 sq. ft. फैक्ट्री और तीसरे Store तक पहुंचा Sagar Perfume

₹5,000 से शुरू हुआ सफर, 10×10 के कमरे से 20,000 sq. ft. फैक्ट्री और तीसरे Store तक पहुंचा Sagar Perfume

1 week ago
MICA और IGNCA ने सांस्कृतिक विरासत एवं रणनीतिक संचार के सेतु निर्माण के लिए मिलाया हाथ

MICA और IGNCA ने सांस्कृतिक विरासत एवं रणनीतिक संचार के सेतु निर्माण के लिए मिलाया हाथ

2 weeks ago

आपका स्वागत है “अभ्युदय टाइम्स हिंदी” पर! हम यहाँ आपको ताज़ा और महत्वपूर्ण समाचार, विशेष रुचिकर्म लेख, साक्षात्कार, और रोचक जानकारियाँ प्रस्तुत करते हैं।

हमारा लक्ष्य है पाठकों को सबसे अच्छी और सटीक जानकारी प्रदान करना ताकि वे समाज, राजनीति, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, मनोरंजन और अन्य क्षेत्रों में अपडेट रह सकें।

हम गर्व से कहते हैं कि हमारी टीम में उच्च-क्षमता और अनुभवी पत्रकार हैं, जो नैतिकता, सत्यनिष्ठा और पेशेवरिता के प्रति प्रतिबद्ध हैं। हम सभी परिवर्तनों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए प्रतिबद्ध हैं और अपने पाठकों को एक सुरक्षित, जानकारीपूर्ण और उत्तरदायी माध्यम के माध्यम से जोड़ने का प्रयास करते हैं।

Category

  • ऑटोमोबाइल्स
  • कृषि
  • क्षेत्रीय
  • खेल
  • टेक्नोलॉजी
  • ट्रैवल
  • दुनिया
  • धर्म
  • फ़ूड
  • फैशन
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राष्ट्रिय
  • लाइफस्टाइल
  • शिक्षा
  • हेल्थ & ब्यूटी

Follow Us

Recent Posts

  • दशहरे पर सामने आएगा रामायण का एक नया पाठ: योगेश अरविंद पुराणिक की पुस्तक ‘Decoding The Ramayana’ आधुनिक मन की खोज से जोड़ेगी प्राचीन कथा को September 15, 2026
  • माधुरी हाथिनी ने वंतारा में उपचार पूरा किया, एक वर्ष से अधिक समय तक चले विशेष उपचार और स्वास्थ्य लाभ के बाद महाराष्ट्र लौटी September 12, 2026
  • जब भूख ने शब्दों का स्वर धारण किया, तब जन्मा युग-ग्रंथ September 10, 2026
  • हमारे बारे में
  • गोपनीयता नीति
  • संपर्क करें
  • गूगल न्यूज़
  • English News

Copyright © 2023, Abhyuday Times Hindi - Designed & Developed by Brand Maker RD.

No Result
View All Result
  • Home
  • भारत
    • राष्ट्रिय
    • क्षेत्रीय
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • ऑटोमोबाइल्स
  • खेल
  • टेक्नोलॉजी
  • राजनीति
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • ट्रैवल
    • फैशन
    • फ़ूड
    • हेल्थ & ब्यूटी
  • अन्य
    • कृषि
    • दुनिया

Copyright © 2023, Abhyuday Times Hindi - Designed & Developed by Brand Maker RD.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In