• हमारे बारे में
  • गोपनीयता नीति
  • संपर्क करें
  • गूगल न्यूज़
  • English News
Wednesday, August 5, 2026
  • Login
Abhyuday Times Hindi
  • Home
  • भारत
    • राष्ट्रिय
    • क्षेत्रीय
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • ऑटोमोबाइल्स
  • खेल
  • टेक्नोलॉजी
  • राजनीति
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • ट्रैवल
    • फैशन
    • फ़ूड
    • हेल्थ & ब्यूटी
  • अन्य
    • कृषि
    • दुनिया
No Result
View All Result
  • Home
  • भारत
    • राष्ट्रिय
    • क्षेत्रीय
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • ऑटोमोबाइल्स
  • खेल
  • टेक्नोलॉजी
  • राजनीति
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • ट्रैवल
    • फैशन
    • फ़ूड
    • हेल्थ & ब्यूटी
  • अन्य
    • कृषि
    • दुनिया
No Result
View All Result
Abhyuday Times Hindi
No Result
View All Result
Home क्षेत्रीय

भारत के अटॉर्नी जनरल ने समय पर न्याय सुनिश्चित करने पर आयोजित सेमिनार में प्ली बार्गेनिंग के लिए नए ढांचे की मांग की

AT हिंदी डेस्क by AT हिंदी डेस्क
March 16, 2026
in क्षेत्रीय
0
भारत के अटॉर्नी जनरल ने समय पर न्याय सुनिश्चित करने पर आयोजित सेमिनार में प्ली बार्गेनिंग के लिए नए ढांचे की मांग की
Share on FacebookShare on Twitter

नई दिल्ली, 16 मार्च 2026: भारत के अटॉर्नी जनरल श्री आर. वेंकटरमणि ने प्ली बार्गेनिंग के लिए सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक सिद्धांतों व व्यवहारों पर आधारित एक नए ढांचे की आवश्यकता पर बल दिया। यह बात उन्होंने “Delivering Justice in Time: Global Practices and Indian Experiences” विषय पर आयोजित सेमिनार के उद्घाटन सत्र में कही, जिसे ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली ने संयुक्त रूप से आयोजित किया था।

उन्होंने कहा, “प्ली बार्गेनिंग अब वैश्विक स्तर पर स्वीकार की जा रही है। इसके लिए एक राष्ट्रीय प्रोटोकॉल की आवश्यकता है, जो एक स्वस्थ और पारदर्शी तरीके से अधिवक्ताओं तथा न्याय के इच्छुक पीड़ितों को मार्गदर्शन और सलाह दे सके। कानूनी और नागरिक प्राधिकरणों को इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार रहना चाहिए। भारत के मुख्य न्यायाधीश ने भी इस विषय पर एक मजबूत आंतरिक चर्चा के लिए सहमति दी है। मौजूदा कानूनी तंत्र को भी नए दृष्टिकोण से तैयार किया जाएगा, जिसमें बचाव पक्ष के लिए रियायत और राज्य के संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर ध्यान दिया जाएगा।”

संबंधितपोस्ट

अभय भुतडा फाउंडेशन की ओर से 300 छात्रों को मिली 21 लाख रुपये की स्कॉलरशिप 

अभय भुतडा फाउंडेशन की ओर से 300 छात्रों को मिली 21 लाख रुपये की स्कॉलरशिप 

July 24, 2026
माननीय श्री चंद्रकांत पाटिल ने अभय भुतडा फाउंडेशन की ओर से आयोजित अल्टीमेट पिकलबॉल लीग का उद्घाटन किया

माननीय श्री चंद्रकांत पाटिल ने अभय भुतडा फाउंडेशन की ओर से आयोजित अल्टीमेट पिकलबॉल लीग का उद्घाटन किया

May 9, 2026

उन्होंने आगे कहा कि राज्य के संसाधनों का प्रबंधन केवल प्ली बार्गेनिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह न्याय प्रशासन की पूरी व्यवस्था में एक आर्थिक सिद्धांत की तरह लागू होना चाहिए। “इसी कारण मैं ‘नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर क्रिमिनल जस्टिस एडमिनिस्ट्रेशन’ की स्थापना के बारे में सोच रहा हूँ, जहाँ एक दैनिक सूचकांक के माध्यम से प्रदर्शन और माप का आकलन किया जा सके। जो लोग ट्रायल कोर्ट में काम करते हैं, वे जानते हैं कि लोगों, सरकार, संस्थानों, वकीलों और न्यायाधीशों के संसाधनों और समय की बर्बादी कितनी पीड़ादायक होती है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत के लिए “लीगल हेल्थ इंडेक्स” अत्यंत महत्वपूर्ण है। “यह इंडेक्स न्याय तक पहुँच की सरलता, निवारक और पूर्वानुमेय प्रक्रियाओं, तथा विभिन्न हितधारकों की भूमिकाओं और आवश्यक संसाधनों का आकलन करेगा। इसे सही तरीके से विकसित और लागू किया जाना चाहिए। मेरा मानना है कि इसे केवल शासन संस्थाओं के हाथ में होना आवश्यक नहीं है; कानून के स्कूल और विश्वविद्यालय भी इसके निर्माण और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। समाज को भी बौद्धिक रूप से इसमें भागीदारी करनी चाहिए और नए दृष्टिकोण प्रस्तुत करने चाहिए,” उन्होंने जोड़ा।

अपने मुख्य वक्तव्य में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और सांसद डॉ. अभिषेक एम. सिंहवी ने भारत में मामलों के भारी लंबित होने की समस्या पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “यह भारत की न्याय प्रणाली का विरोधाभास है कि एक ओर यह विश्व की सबसे उन्नत न्यायिक व्याख्याएँ प्रस्तुत करती है, वहीं दूसरी ओर मामलों के भारी बैकलॉग से जूझ रही है।”

उन्होंने कहा कि हमें ‘ABCD’-Access (पहुँच), Backlog (लंबित मामले), Cost (लागत) और Delay (विलंब)—की समस्याओं का समाधान करना होगा। इसके लिए न्यायाधीशों की नियुक्ति, न्यायिक रिक्तियों को भरना, बहु-स्तरीय केस मैनेजमेंट प्रणाली अपनाना, बहुत पुराने मामलों के समाधान के लिए विशेष तंत्र बनाना, मध्यस्थता को मजबूत करना, ग्राम न्यायालयों को पुनर्जीवित करना तथा अदालतों, पुलिस और जेलों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि लंबित मामलों की समस्या के समाधान के लिए एक समग्र और समन्वित दृष्टिकोण की आवश्यकता है। “हमें उपचारात्मक और निवारक दोनों दृष्टिकोण अपनाने होंगे और इस समस्या के समाधान के लिए नए और साहसिक तरीकों को अपनाना होगा। दूसरी ओर, मध्यस्थता (Arbitration) की व्यवस्था भी अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी है, क्योंकि यह प्री-लिटिगेशन लिटिगेशन बन गई है और प्रक्रिया में एक और चरण जोड़ रही है। इसके अलावा प्रशिक्षित मध्यस्थों की कमी भी एक बड़ी चुनौती है,” उन्होंने कहा। उन्होंने उच्च न्यायालयों और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति आयु में अंतर पर पुनर्विचार की भी बात कही और सुधारों के दीर्घकालिक और निरंतर क्रियान्वयन पर जोर दिया।

अपने स्वागत भाषण में ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलपति प्रो. (डॉ.) सी. राज कुमार ने कहा कि कानून का शासन केवल संवैधानिक संरचना या कानूनी सिद्धांतों पर निर्भर नहीं करता, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करता है कि संस्थाएँ समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से न्याय प्रदान कर पाती हैं या नहीं।

उन्होंने भारत में 5 करोड़ से अधिक लंबित मामलों की गंभीर स्थिति पर ध्यान आकर्षित करते हुए न्याय प्रणाली में सुधार के लिए पाँच प्रमुख स्तंभों का प्रस्ताव रखा:

  1. न्यायिक क्षमता को मजबूत करना
  2. प्रक्रियात्मक सुधार और सक्रिय केस प्रबंधन
  3. अदालतों में प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग
  4. प्ली बार्गेनिंग और प्री-ट्रायल तंत्र का विस्तार
  5. डेटा-आधारित न्याय प्रशासन

डॉ. राज कुमार ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली, जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल और ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के बीच सहयोग की सराहना की। उन्होंने इस सेमिनार को देश के विभिन्न शहरों और राज्यों में आयोजित चर्चाओं की एक श्रृंखला में विस्तार देने की भी इच्छा व्यक्त की, ताकि भारत में समय पर और प्रभावी न्याय की आवश्यकता के प्रति सामूहिक जागरूकता और गति उत्पन्न की जा सके।

कानून और न्याय राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल की ओर से भी एक संदेश साझा किया गया, जो आधिकारिक दायित्वों के कारण कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने सेमिनार के परिणामों में गहरी रुचि व्यक्त की और कहा गया कि विचार-विमर्श की एक विस्तृत रिपोर्ट उन्हें आगे की चर्चा के लिए भेजी जाएगी।

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली के कुलपति प्रो. (डॉ.) जी.एस. बाजपेयी ने अपने संबोधन में सेमिनार के विषय “Justice in Time” के गहरे अर्थ पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केवल गति ही न्याय नहीं होती; न्याय प्रणाली की वास्तविक वैधता निष्पक्षता, पारदर्शिता और प्रक्रियात्मक ईमानदारी पर निर्भर करती है। उन्होंने भारत के नए आपराधिक कानूनों में निर्धारित समय-सीमाओं का अनुभवजन्य मूल्यांकन करने, पीड़ित न्याय तंत्र को मजबूत करने, प्रारंभिक चरण से निरंतर कानूनी सहायता प्रदान करने और एक समग्र राष्ट्रीय सजा नीति विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम के अंतर्गत पूरे दिन कई सत्र आयोजित किए गए, जिनमें प्रमुख विषय शामिल थे:

  • संस्थागत और प्रक्रियात्मक सुधार: न्यायालय प्रणाली में दक्षता में सुधार
  • प्रौद्योगिकी और समय पर न्याय: डिजिटल अदालतें, एआई और डेटा शासन
  • प्ली बार्गेनिंग और प्री-ट्रायल तंत्र: न्याय से समझौता किए बिना दक्षता

इन सत्रों में वरिष्ठ वकीलों, विधि विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने भाग लिया। प्रमुख प्रतिभागियों में डॉ. पिंकी आनंद, श्री तनवीर अहमद मीर, श्री संजीव सेन और श्री मनींदर सिंह (सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता) शामिल थे। इनके साथ जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल की एसोसिएट प्रोफेसर प्रो. शिरीन मोटी और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गरिमा तिवारी ने भी भाग लिया।

अन्य सत्रों में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अपराजिता भट्ट, वीटोएआई टेक्नोलॉजीज़ भारत लिमिटेड के संस्थापक और सीईओ श्री आर्यन ग्रोवर, जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल के सायरिल श्रॉफ सेंटर फॉर एआई, लॉ एंड रेगुलेशन की सहायक निदेशक प्रो. पावनी जैन, सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता सुश्री गीता लूथरा तथा अदालत एआई के चीफ लीगल ऑफिसर श्री पार्थ मनिकतला शामिल थे।

अंतिम सत्र में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली के कुलपति प्रो. (डॉ.) जी.एस. बाजपेयी ने मुख्य भाषण दिया। अन्य वक्ताओं में सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सुश्री वृंदा भंडारी, जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल के एसोसिएट प्रोफेसर प्रो. वैभव चड्ढा, प्रो. (डॉ.) खगेश गौतम और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री सात्विक वर्मा शामिल थे। इस सत्र का संचालन नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली की अकादमिक फेलो सुश्री प्रियंशी सिंह ने किया।

कार्यक्रम की प्रारंभिक टिप्पणी जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल की सहायक प्रोफेसर प्रो. अपर्णा बाबू जॉर्ज ने दी, जबकि धन्यवाद ज्ञापन ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रो. दबीरु श्रीधर पटनायक ने प्रस्तुत किया।

Previous Post

समाज सेवा के क्षेत्र में बड़े बदलाव लाने वाली अपनी कोशिशों के लिए सीए अभय भुतडा को फिलांथ्रोपिस्ट ऑफ द ईयर अवार्ड 2026 मिला

Next Post

महाराणा मेवाड़ फाउंडेशन ने 42वें वार्षिक सम्मान समारोह में विशिष्ट व्यक्तियों और युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया

AT हिंदी डेस्क

AT हिंदी डेस्क

Related Posts

अभय भुतडा फाउंडेशन की ओर से 300 छात्रों को मिली 21 लाख रुपये की स्कॉलरशिप 
क्षेत्रीय

अभय भुतडा फाउंडेशन की ओर से 300 छात्रों को मिली 21 लाख रुपये की स्कॉलरशिप 

by AT हिंदी डेस्क
July 24, 2026
माननीय श्री चंद्रकांत पाटिल ने अभय भुतडा फाउंडेशन की ओर से आयोजित अल्टीमेट पिकलबॉल लीग का उद्घाटन किया
क्षेत्रीय

माननीय श्री चंद्रकांत पाटिल ने अभय भुतडा फाउंडेशन की ओर से आयोजित अल्टीमेट पिकलबॉल लीग का उद्घाटन किया

by AT हिंदी डेस्क
May 9, 2026
अभय भुतडा फाउंडेशन ने शिवसृष्टि को दिया अपना समर्थन; अब महिलाओं और छात्रों को मिलेगी निःशुल्क प्रवेश की सुविधा
क्षेत्रीय

अभय भुतडा फाउंडेशन ने शिवसृष्टि को दिया अपना समर्थन; अब महिलाओं और छात्रों को मिलेगी निःशुल्क प्रवेश की सुविधा

by AT हिंदी डेस्क
May 6, 2026
पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में नए ईएसआईसी शाखा कार्यालय का उद्घाटन
क्षेत्रीय

पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में नए ईएसआईसी शाखा कार्यालय का उद्घाटन

by AT हिंदी डेस्क
March 30, 2026
धानुका एग्रीटेक ने मनाया विश्व जल दिवस, जल सुरक्षा एवं महिला सशक्तीकरण पर दिया ज़ोर
क्षेत्रीय

धानुका एग्रीटेक ने मनाया विश्व जल दिवस, जल सुरक्षा एवं महिला सशक्तीकरण पर दिया ज़ोर

by AT हिंदी डेस्क
March 23, 2026
महाराणा मेवाड़ फाउंडेशन ने 42वें वार्षिक सम्मान समारोह में विशिष्ट व्यक्तियों और युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया
क्षेत्रीय

महाराणा मेवाड़ फाउंडेशन ने 42वें वार्षिक सम्मान समारोह में विशिष्ट व्यक्तियों और युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया

by AT हिंदी डेस्क
March 17, 2026
Next Post
महाराणा मेवाड़ फाउंडेशन ने 42वें वार्षिक सम्मान समारोह में विशिष्ट व्यक्तियों और युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया

महाराणा मेवाड़ फाउंडेशन ने 42वें वार्षिक सम्मान समारोह में विशिष्ट व्यक्तियों और युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

नवीनतम समाचार एवं लेख

मोरपेन ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में अब तक का उच्चतम राजस्व और आय दर्ज की। EBITDA में 207% और PAT में 394% की वृद्धि हुई। सीडीएमओ कार्यक्रम ने पुरंतया व्यावसायीक चरण में प्रवेश किया।

मोरपेन ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में अब तक का उच्चतम राजस्व और आय दर्ज की। EBITDA में 207% और PAT में 394% की वृद्धि हुई। सीडीएमओ कार्यक्रम ने पुरंतया व्यावसायीक चरण में प्रवेश किया।

1 day ago
सिलेबस नहीं, दिमाग जीतता है परीक्षा, IIT रुड़की के इस पूर्व छात्र की किताब से बदल रही लाखों अभ्यर्थियों की सोच

सिलेबस नहीं, दिमाग जीतता है परीक्षा, IIT रुड़की के इस पूर्व छात्र की किताब से बदल रही लाखों अभ्यर्थियों की सोच

1 day ago
AI-सक्षम मार्केटिंग लीडर्स की अगली पीढ़ी तैयार करने के लिए MICA और Komerz के बीच साझेदारी

AI-सक्षम मार्केटिंग लीडर्स की अगली पीढ़ी तैयार करने के लिए MICA और Komerz के बीच साझेदारी

2 days ago
अभय भुतडा फाउंडेशन की ओर से 300 छात्रों को मिली 21 लाख रुपये की स्कॉलरशिप 

अभय भुतडा फाउंडेशन की ओर से 300 छात्रों को मिली 21 लाख रुपये की स्कॉलरशिप 

2 weeks ago
आज पूज्य शंकराचार्य जी के सान्निध्य में आनंद वर्धन आश्रम ग्राम, वासणा जिला छोटा उदेपुर गुजरात में 25 लोगों ने पुनः  सनातन हिन्दू धर्म अपनाया 

आज पूज्य शंकराचार्य जी के सान्निध्य में आनंद वर्धन आश्रम ग्राम, वासणा जिला छोटा उदेपुर गुजरात में 25 लोगों ने पुनः  सनातन हिन्दू धर्म अपनाया 

3 weeks ago
महर्षि महेश योगी अंतरराष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय को यूपी कैबिनेट की मंजूरी

महर्षि महेश योगी अंतरराष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय को यूपी कैबिनेट की मंजूरी

4 weeks ago

आपका स्वागत है “अभ्युदय टाइम्स हिंदी” पर! हम यहाँ आपको ताज़ा और महत्वपूर्ण समाचार, विशेष रुचिकर्म लेख, साक्षात्कार, और रोचक जानकारियाँ प्रस्तुत करते हैं।

हमारा लक्ष्य है पाठकों को सबसे अच्छी और सटीक जानकारी प्रदान करना ताकि वे समाज, राजनीति, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, मनोरंजन और अन्य क्षेत्रों में अपडेट रह सकें।

हम गर्व से कहते हैं कि हमारी टीम में उच्च-क्षमता और अनुभवी पत्रकार हैं, जो नैतिकता, सत्यनिष्ठा और पेशेवरिता के प्रति प्रतिबद्ध हैं। हम सभी परिवर्तनों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए प्रतिबद्ध हैं और अपने पाठकों को एक सुरक्षित, जानकारीपूर्ण और उत्तरदायी माध्यम के माध्यम से जोड़ने का प्रयास करते हैं।

Category

  • ऑटोमोबाइल्स
  • कृषि
  • क्षेत्रीय
  • खेल
  • टेक्नोलॉजी
  • ट्रैवल
  • दुनिया
  • धर्म
  • फ़ूड
  • फैशन
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राष्ट्रिय
  • लाइफस्टाइल
  • शिक्षा
  • हेल्थ & ब्यूटी

Follow Us

Recent Posts

  • मोरपेन ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में अब तक का उच्चतम राजस्व और आय दर्ज की। EBITDA में 207% और PAT में 394% की वृद्धि हुई। सीडीएमओ कार्यक्रम ने पुरंतया व्यावसायीक चरण में प्रवेश किया। August 4, 2026
  • सिलेबस नहीं, दिमाग जीतता है परीक्षा, IIT रुड़की के इस पूर्व छात्र की किताब से बदल रही लाखों अभ्यर्थियों की सोच August 4, 2026
  • AI-सक्षम मार्केटिंग लीडर्स की अगली पीढ़ी तैयार करने के लिए MICA और Komerz के बीच साझेदारी August 3, 2026
  • हमारे बारे में
  • गोपनीयता नीति
  • संपर्क करें
  • गूगल न्यूज़
  • English News

Copyright © 2023, Abhyuday Times Hindi - Designed & Developed by Brand Maker RD.

No Result
View All Result
  • Home
  • भारत
    • राष्ट्रिय
    • क्षेत्रीय
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • ऑटोमोबाइल्स
  • खेल
  • टेक्नोलॉजी
  • राजनीति
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • ट्रैवल
    • फैशन
    • फ़ूड
    • हेल्थ & ब्यूटी
  • अन्य
    • कृषि
    • दुनिया

Copyright © 2023, Abhyuday Times Hindi - Designed & Developed by Brand Maker RD.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In