• हमारे बारे में
  • गोपनीयता नीति
  • संपर्क करें
  • गूगल न्यूज़
  • English News
Saturday, May 2, 2026
  • Login
Abhyuday Times Hindi
  • Home
  • भारत
    • राष्ट्रिय
    • क्षेत्रीय
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • ऑटोमोबाइल्स
  • खेल
  • टेक्नोलॉजी
  • राजनीति
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • ट्रैवल
    • फैशन
    • फ़ूड
    • हेल्थ & ब्यूटी
  • अन्य
    • कृषि
    • दुनिया
No Result
View All Result
  • Home
  • भारत
    • राष्ट्रिय
    • क्षेत्रीय
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • ऑटोमोबाइल्स
  • खेल
  • टेक्नोलॉजी
  • राजनीति
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • ट्रैवल
    • फैशन
    • फ़ूड
    • हेल्थ & ब्यूटी
  • अन्य
    • कृषि
    • दुनिया
No Result
View All Result
Abhyuday Times Hindi
No Result
View All Result
Home धर्म

ध्यानगुरु रघुनाथ येमूल गुरुजी की दृष्टि से आषाढ़ की यात्राएँ : भक्ति, ऊर्जा और पर्यावरण का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक समन्वय

AT हिंदी डेस्क by AT हिंदी डेस्क
July 1, 2025
in धर्म
0
ध्यानगुरु रघुनाथ येमूल गुरुजी की दृष्टि से आषाढ़ की यात्राएँ : भक्ति, ऊर्जा और पर्यावरण का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक समन्वय
Share on FacebookShare on Twitter

आषाढ़ की पालखी और जगन्नाथ रथ यात्रा: गोवर्धन यात्रा, कांवड़ यात्रा और ओंकारेश्वर यात्रा के माध्यम से आध्यात्मिक, वैज्ञानिक और पर्यावरणीय संनाद का अनूठा संगम

जैसे ही मानसून भारत भूमि पर जीवनदायी ऊर्जा के साथ उतरता है, वैसे ही आषाढ़ (जून-जुलाई) का पवित्र महीना देश की आध्यात्मिक धड़कन बन जाता है। महाराष्ट्र की पालखी वारी और ओडिशा की जगन्नाथ रथ यात्रा जैसी दो भव्य यात्राएँ इस मास को अनुपम गरिमा प्रदान करती हैं। प्रसिद्ध ध्यान साधक, आध्यात्मिक शोधकर्ता ध्यानगुरु रघुनाथ येमूल गुरुजी इन प्राचीन परंपराओं के गूढ़ और बहुस्तरीय महत्व को आधुनिक विज्ञान, समग्र चिकित्सा और पर्यावरणीय संतुलन के दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं।

संबंधितपोस्ट

जगतगुरु सतीशाचार्य के दर्शन पाकर भाव-विभोर हुए मोहन भागवत, पैर छूकर लिया आशीर्वाद

जगतगुरु सतीशाचार्य के दर्शन पाकर भाव-विभोर हुए मोहन भागवत, पैर छूकर लिया आशीर्वाद

March 10, 2026
ध्यान गुरु रघुनाथ येमूल गुरुजी ने बनाया विश्व का सबसे बड़ा 5210 किलो का पारद शिवलिंग; हरिद्वार में महाशिवरात्रि पर विशेष पूजन

ध्यान गुरु रघुनाथ येमूल गुरुजी ने बनाया विश्व का सबसे बड़ा 5210 किलो का पारद शिवलिंग; हरिद्वार में महाशिवरात्रि पर विशेष पूजन

February 18, 2026

इस अवसर पर ध्यानगुरु रघुनाथ गुरुजी कहते हैं, “आषाढ़ की यात्राएँ केवल श्रद्धा का प्रदर्शन नहीं, बल्कि जीवंत उपचार प्रणाली हैं, जो मनुष्य के शरीर, मन और आत्मा को प्रकृति की लय से समरस करती हैं। जब हजारों लोग एक साथ भक्ति में चलते हैं, तो वे ऐसी शुद्ध सामूहिक ऊर्जा उत्पन्न करते हैं जो आत्मा के साथ-साथ भूमि, वायुमंडल और हमारे चारों ओर की सूक्ष्म तरंगों को भी शुद्ध करती है। ये परंपराएँ भारत का जीवंत विज्ञान हैं, जहाँ आध्यात्मिकता, ऋतु ज्ञान और आंतरिक परिवर्तन एक साथ, एक पवित्र कदम के रूप में आगे बढ़ते हैं।”

आषाढ़ी एकादशी पर समापन वाली ये यात्राएँ मानसून की शुरुआत में होती हैं — जब पृथ्वी की ऊर्जा चरम पर होती है, नदियाँ उफान पर होती हैं और प्रकृति जीवन से भरपूर होती है। आयुर्वेद और प्राचीन भारतीय परंपराओं के अनुसार यह समय ब्रह्मांडीय और पर्यावरणीय ऊर्जा को आत्मसात करने के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

ध्यानगुरु गुरुजी बताते हैं कि बारिश के साथ नंगे पाँव चलना केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक रूप से भी अत्यंत प्रभावशाली है। हार्टमैथ इंस्टिट्यूट और न्यूरोसाइंटिस्ट डॉ. एंड्र्यू न्यूबर्ग के शोधों से यह प्रमाणित होता है कि सामूहिक भक्ति में चलना विद्युत चुंबकीय संतुलन उत्पन्न करता है, तनाव घटाता है और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। साथ ही, नंगे पाँव चलने से शरीर के 60 से अधिक एक्यूप्रेशर बिंदु सक्रिय होते हैं, जो अंगों को नवजीवन प्रदान करते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।

इन यात्राओं का महत्व केवल व्यक्तिगत स्तर पर नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय स्तर पर भी है। लाखों लोग जब पैदल चलते हैं, तो वाहन-प्रदूषण घटता है और मनुष्य व प्रकृति के बीच का पवित्र संबंध और भी प्रगाढ़ होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और आयुर्वेद के अनुसार, बारिश में चलना लसीका तंत्र (lymphatic system), प्रतिरक्षा तंत्र और तंत्रिका संतुलन को सक्रिय करता है।

स्कंद पुराण और नाथ संप्रदाय जैसे प्राचीन ग्रंथों में भी इन यात्राओं की आध्यात्मिक और शारीरिक शुद्धिकरण शक्ति का उल्लेख मिलता है। आज यही प्राचीन ज्ञान आधुनिक अनुसंधान संस्थानों जैसे IIT खड़गपुर और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल द्वारा भी प्रमाणित किया जा रहा है।

ध्यानगुरु रघुनाथ येमूल गुरुजी का यह संदेश 21वीं सदी में इन प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं को नई प्रासंगिकता देता है। आज के समय में, जब विश्व असंतुलन, मानसिक अलगाव और पारिस्थितिक संकट से जूझ रहा है, ये सामूहिक यात्राएँ सामूहिक चेतना, भावनात्मक उपचार और पर्यावरणीय पुनर्स्थापन की दिशा में एक कदम हैं।

इस आषाढ़ में ध्यानगुरु रघुनाथ गुरुजी की शिक्षाएँ हमें याद दिलाती हैं कि मिलकर भक्ति में चलना केवल ईश्वर को अर्पण नहीं, बल्कि संतुलन, समरसता और समग्र स्वास्थ्य की ओर लौटने की एक यात्रा है।

Tags: Ashadh YatraDhyanguru Raghunath Yemul Guruji
Previous Post

यदि भारत ने विश्व पर इंग्लैंड की तरह साम्राज्य स्थापित किया होता! (भाग–3) – ठाकुर दलीप सिंघ जी

Next Post

महिलाओं में बचत की परिभाषा बदल रही हैं

AT हिंदी डेस्क

AT हिंदी डेस्क

Related Posts

जगतगुरु सतीशाचार्य के दर्शन पाकर भाव-विभोर हुए मोहन भागवत, पैर छूकर लिया आशीर्वाद
धर्म

जगतगुरु सतीशाचार्य के दर्शन पाकर भाव-विभोर हुए मोहन भागवत, पैर छूकर लिया आशीर्वाद

by AT हिंदी डेस्क
March 10, 2026
ध्यान गुरु रघुनाथ येमूल गुरुजी ने बनाया विश्व का सबसे बड़ा 5210 किलो का पारद शिवलिंग; हरिद्वार में महाशिवरात्रि पर विशेष पूजन
धर्म

ध्यान गुरु रघुनाथ येमूल गुरुजी ने बनाया विश्व का सबसे बड़ा 5210 किलो का पारद शिवलिंग; हरिद्वार में महाशिवरात्रि पर विशेष पूजन

by AT हिंदी डेस्क
February 18, 2026
13–15 दिसंबर को दिल्ली में होगा शंखनाद महोत्सव – छत्रपति शिवाजी के शस्त्रों की प्रदर्शनी
धर्म

13–15 दिसंबर को दिल्ली में होगा शंखनाद महोत्सव – छत्रपति शिवाजी के शस्त्रों की प्रदर्शनी

by AT हिंदी डेस्क
December 9, 2025
राम मंदिर में ध्वजारोहण और भारत उत्कर्ष महायज्ञ की पूर्णाहुति, नोएडा में 11 लाख श्रद्धालुओं ने रचा नया इतिहास
धर्म

राम मंदिर में ध्वजारोहण और भारत उत्कर्ष महायज्ञ की पूर्णाहुति, नोएडा में 11 लाख श्रद्धालुओं ने रचा नया इतिहास

by AT हिंदी डेस्क
November 30, 2025
हरिद्वार में बन रहा है विश्व का सबसे विशाल विश्व सनातन महापीठ: एक मेगा प्रोजेक्ट जो आध्यात्मिक भारत की नई पहचान बनेगा
धर्म

हरिद्वार में बन रहा है विश्व का सबसे विशाल विश्व सनातन महापीठ: एक मेगा प्रोजेक्ट जो आध्यात्मिक भारत की नई पहचान बनेगा

by AT हिंदी डेस्क
November 15, 2025
गिरनार यात्रा -ध्यान साधना विज्ञान और सेवा का संगम – ध्यानगुरु रघुनाथ येमुल गुरुजी
धर्म

गिरनार यात्रा -ध्यान साधना विज्ञान और सेवा का संगम – ध्यानगुरु रघुनाथ येमुल गुरुजी

by AT हिंदी डेस्क
October 29, 2025
Next Post
महिलाओं में बचत की परिभाषा बदल रही हैं

महिलाओं में बचत की परिभाषा बदल रही हैं

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

नवीनतम समाचार एवं लेख

धानुका एग्रीटेक ने तरबूज और खीरा फसल के लिए वैज्ञानिक समाधान सुझाए

धानुका एग्रीटेक ने तरबूज और खीरा फसल के लिए वैज्ञानिक समाधान सुझाए

3 days ago
सूरत में हाईलाइफ प्रदर्शनी का समर एडिशन 28 और 29 अप्रैल को होटल सूरत मैरियट, अठवालाइंस में आयोजित किया जाएगा

सूरत में हाईलाइफ प्रदर्शनी का समर एडिशन 28 और 29 अप्रैल को होटल सूरत मैरियट, अठवालाइंस में आयोजित किया जाएगा

7 days ago
VELVEX ने लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ साझेदारी कर बाज़ार में अपनी उपस्थिति को तेज़ किया

VELVEX ने लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ साझेदारी कर बाज़ार में अपनी उपस्थिति को तेज़ किया

1 week ago
अश्वारिन प्लस पाउडर के साथ बनाएं मजबूत मसल्स और पाएं दमदार ताकत

अश्वारिन प्लस पाउडर के साथ बनाएं मजबूत मसल्स और पाएं दमदार ताकत

1 week ago
मोरेपेन लैब्स की मैन्युफैक्चरिंग इकाई ने ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाते हुए लगातार चौथी बार यूएसएफडीए निरीक्षण बिना किसी प्रतिकूल टिप्पणी के सफलतापूर्वक पास किया

मोरेपेन लैब्स की मैन्युफैक्चरिंग इकाई ने ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाते हुए लगातार चौथी बार यूएसएफडीए निरीक्षण बिना किसी प्रतिकूल टिप्पणी के सफलतापूर्वक पास किया

2 weeks ago
टेक्नोस्पोर्ट ने ‘संगम 2026’ राष्ट्रीय डीलर्स बैठक आयोजित की; ₹1,000 करोड़ राजस्व उपलब्धि का लक्ष्य

टेक्नोस्पोर्ट ने ‘संगम 2026’ राष्ट्रीय डीलर्स बैठक आयोजित की; ₹1,000 करोड़ राजस्व उपलब्धि का लक्ष्य

2 weeks ago

आपका स्वागत है “अभ्युदय टाइम्स हिंदी” पर! हम यहाँ आपको ताज़ा और महत्वपूर्ण समाचार, विशेष रुचिकर्म लेख, साक्षात्कार, और रोचक जानकारियाँ प्रस्तुत करते हैं।

हमारा लक्ष्य है पाठकों को सबसे अच्छी और सटीक जानकारी प्रदान करना ताकि वे समाज, राजनीति, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, मनोरंजन और अन्य क्षेत्रों में अपडेट रह सकें।

हम गर्व से कहते हैं कि हमारी टीम में उच्च-क्षमता और अनुभवी पत्रकार हैं, जो नैतिकता, सत्यनिष्ठा और पेशेवरिता के प्रति प्रतिबद्ध हैं। हम सभी परिवर्तनों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए प्रतिबद्ध हैं और अपने पाठकों को एक सुरक्षित, जानकारीपूर्ण और उत्तरदायी माध्यम के माध्यम से जोड़ने का प्रयास करते हैं।

Category

  • ऑटोमोबाइल्स
  • कृषि
  • क्षेत्रीय
  • खेल
  • टेक्नोलॉजी
  • ट्रैवल
  • दुनिया
  • धर्म
  • फ़ूड
  • फैशन
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राष्ट्रिय
  • लाइफस्टाइल
  • शिक्षा
  • हेल्थ & ब्यूटी

Follow Us

Recent Posts

  • धानुका एग्रीटेक ने तरबूज और खीरा फसल के लिए वैज्ञानिक समाधान सुझाए April 29, 2026
  • सूरत में हाईलाइफ प्रदर्शनी का समर एडिशन 28 और 29 अप्रैल को होटल सूरत मैरियट, अठवालाइंस में आयोजित किया जाएगा April 25, 2026
  • VELVEX ने लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ साझेदारी कर बाज़ार में अपनी उपस्थिति को तेज़ किया April 23, 2026
  • हमारे बारे में
  • गोपनीयता नीति
  • संपर्क करें
  • गूगल न्यूज़
  • English News

Copyright © 2023, Abhyuday Times Hindi - Designed & Developed by Brand Maker RD.

No Result
View All Result
  • Home
  • भारत
    • राष्ट्रिय
    • क्षेत्रीय
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • ऑटोमोबाइल्स
  • खेल
  • टेक्नोलॉजी
  • राजनीति
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • ट्रैवल
    • फैशन
    • फ़ूड
    • हेल्थ & ब्यूटी
  • अन्य
    • कृषि
    • दुनिया

Copyright © 2023, Abhyuday Times Hindi - Designed & Developed by Brand Maker RD.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In